कोई लिखते हुये मुक्त हुआ । कोई गाते हुए मुक्त हुआ । कोई नाचते हुए तो कोई ध्यान साधना से मुक्त हुआ मुक्ति के हजारो रस्ते है बस मुक्ति की भावना चाहिए

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