Posts

Showing posts from 2020

जिस्म से था ना खूबसूरती से मुझे प्यार था तुम्हारी रुह से

फूलों से भी नाजुक है दिल का रिस्ता दिलो से भी नाजुक है प्यार का रिस्ता प्यार से भी नाजुक है खून का रिस्ता खून से भी नाजक है रूह का रिस्ता जो सिर्फ़ तुमसे से है

हम दुःखी क्यों होते हैं --- हम दुःखी इसलिए होते हैं क्योंकि स्वयं विचारों पर हमारा नियंत्रण नहीं है हम क्या सोंचते है क्या करते हैं क्या बोलते हैं यंहा तक क्या खाते हैं क्या प्रतिक्रिया दे रहे हैं हमे इनका कोई ज्ञान नहीं है बिलकुल बिना लगाम के घोड़े की तरह यदि हम थोड़ा सा भी ध्यान अपने विचारों पर दे ना शुरु करेंगे हम आत्म नियंत्रित होना शुरू हो जाते हैं फिर वही पायेगे जो जो विचार करेंगे लेकिन विचारों पर पुर्ण नियंत्रण अति आवश्यक है बिल्कुल वैसे हि जैसे कार का हैंडल नियंत्रण कर आप सफर का जीतना चाहे मजा लो

विचार एक बीज हुआ पोषण मिला मेहनत का विचार एक पौध हुआ पोषण मिला चिन्तन और विवेक का विचार एक वट व्रक्ष हुआ पोषण मिला धैर्य का विचार एक फल हुआ पोषण मिला ध्यान का

सफलता

सफलता    जीवन होता है संग्राम  शूल  बिछे होते है पग पग पर  और पथ पर अंगारे भी  पहाड़ बनकर टूटती मुश्किलें  ओर आकर्षण का तूफान  होती है नाजुक उमरिया रखना होता है  इसका भी ध्यान  बघनख छिपे होते है लोगो के मुख मे  और तालु मे तलवारे  तलवारो से बचना होता है  लगा के अपनी जान  साधना होता है जीवन  ईसा भी लेता  ईम् तिहान्  पल पल मे होती है परीक्षा  नही होता है विश्राम  लक्ष्य होता है जीवन का सर्वस्व  और आगे की पहचान  होता है राही अकेला और  पथ भी अंजान  आदर्श भी ऊँचे होते है  ऊँची होती है मंजिले  मन बार बार बदलता है आती है पुकार एक बार जो सुन ले मन की पुकार  वही खोलता है सफलता के द्वार       शिव कुमार सापूनिया   Raisinghnagar 335051

मैं ये भी नही चाहता की मेरे दिल से कोई आह निकले और तुम तक पहुँचे

इन्सान कितना मस्त आपनी सुख सुविधाये बढ़ाने में खुद को भुलाकर ओर आपनी मौत को भुलाकर जैसे सब कुछ ऐसे ही बना रहेगा

इतनी तो दुआ तुम भी करो की आओ ना कभी मेरे सामने एक तेरा एहसास ही काफी है मुझे सताने के लिये

परखनली मे मानव चांद पर बस्ती जीवों का क्लोन लैब मे जैसा चाहो वैसा बीज मंगल पर रोज लैंडिंग आसमान में उडान बस मुर्दे मे साँस बाकी है मेरे खुदा तेरे बजूद को भी लालकरें गा इन्सान

पल भर के सुख के लिए क्यो चोर बनु मैं उम्र भर के लिए

ये अजीब बात है । एक सपने के पीछे सैकड़ो जले हुये सपनों कि राख हैं। और ये सपना उस पेड़ कि तरह है ।जिसकी साखाओ को माली ने ही काटा है । बहुत ऊँची हो गई है । उसकी एक शाखा जिसे आगे बढने के लिए छोड़ा था माली ने ही शायद माली बहुत खुश हैं । उस एक शाखा को देख कर पर माली कब समझ पाया है पेड़ के उस दर्द को और शायद कभी नही

जब से तुम चले गए हो जिन्दगी से मेरी कई साल कम हो गए हैं जिन्दगी से मेरी

में मिलता। नहीं हूं अक्सर उन लोगो से भी जो मिलते हैं तुमसे कभी फिर तुम्हारे अक्स को भूलाना मुस्किल होता है

अब दफ़नायगे तुम्हारी यादों को यु तो हम जी हि नहीं पायेंगे

किस मोड़ पर खड़े हो तुम ढूंढते हुये तुम्हें आ रहे है कंही मौत हमसफर तुमसे से पहले किसी मोड़ पर न मिल जाये

जिंदा है तेरी यादों की वजह से जो सांसों की जगह चलती हैं मरे नहीं है अभी तक आखरी ख्वाइस जो तुम हो

dolat

Image

रेगिस्तान

 सुखे हुए रेगिस्तान मे बहुत प्यासा हू मैं  यु याद आकरके मेरी प्यास बढ़ाया ना करो तुम 

दौलत स्योरहत नाम तीनो दुश्मन है मेरे इन तीनों ने मिलकर मेरे इश्क़ का गला दबा दिया

उनकी आँखों में मैने बड़ी गौर से देखा है उनमें हमेशा इश्क़ इक़बाल था पर न जाने क्यू उम्र भर झूठ बोलते रहे वो

वो आ कर मेरे सपनो मे। मुस्करा रहे थे आबाद मेरी जींदगी मे आग रहे थे एक तुम्हे छोड़ कर सब कुछ है मेरे पास

मोत तुम्हरा रूप लेकर जब चाहे आगोश मे ले।,,,,,,,,,,,,,,,,, होगा नही मलाल मुझे

बस एक सांस की ओकात है मेरी । बस एक सांस की । आये तो जीवन ओर न आये तो मौत है मेरी

जुनून

Image

विचार

Image

मुक्ति

Image

कोई लिखते हुये मुक्त हुआ । कोई गाते हुए मुक्त हुआ । कोई नाचते हुए तो कोई ध्यान साधना से मुक्त हुआ मुक्ति के हजारो रस्ते है बस मुक्ति की भावना चाहिए

उस शख्स को जहन से निकाल ही नही पाया ।जब से दिल को झकजोर देने वाली घटना सुनी है । सोते जागते उस चहरे को भुला नही पा रहा हूं उस परिवार का क्या हाल हुआ होगा जिस परिवार पर ये दुःख का कहर टूटा ।हैं ईमानदारी कर्तव्यनिष्ठ सामाजिक सरोकार का परिणाम ऐसा हो सकता है सोच कर भी रूह कांप जाती हैं। वो पल कितना कठिन होगा जब उनकी देह से वो पवित्र आत्मा अलग हुई होंगी कितना पीड़ादायक है ये सब कास ऐसा सुनने को मिलता कि उस पुलीस ऑफिसर ने बुरे लोगों और अपराधियों को गोली से उड़ा दिया । लेकिन कुछ भी हो ईमानदारी के साथ ड्यूटी करते हुए ओर अपराधियों कि मन्सा पूरी न होने देकर अपने प्राण वतन पर न्योछावर करना भी कितना महान है ।

श्रीविष्णु दत्त जांबाज पुलिस ऑफिसर को समर्पित

शायरी

Image

कविता परिवर्तन

Image

शायरी

Image

शायरी

Image

फरियाद कविता

Image

मैं इतना सशक्त और मजबूत हो जाऊँगा खुद को बदलने वाला और दुनिया को बदलने वाला क्रांति दूत हो जाऊँगा तू ये मत समझना कि तेरी यादों मे मर जाऊँगा कितना ही कठिन क्यो ना हो मैं समय पाकर समय का मीत हो जाऊंगा ओर देखना खुद के लिए न सही लोगों के लिए मै सुख शान्ति समृधि वैभव का गीत हो जाऊँगा तेरी यादों से टुटकर हरूगा नही खुद हारकर भी किसी के लिए जीत हो जाऊँगा

अहसास

Image

शायरी

Image

शायरी

Image

शायरी

Image

शायरी

Image

शायरी

Image

शायरी

Image

शायरी

Image

शायरी

Image

शायरी

Image

दैनिक इबादत समाचार पत्र मे मेरा एक शायर प्रकाशित हुआ

Image