परखनली मे मानव चांद पर बस्ती जीवों का क्लोन लैब मे जैसा चाहो वैसा बीज मंगल पर रोज लैंडिंग आसमान में उडान बस मुर्दे मे साँस बाकी है मेरे खुदा तेरे बजूद को भी लालकरें गा इन्सान Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 01, 2020 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
कोई लिखते हुये मुक्त हुआ । कोई गाते हुए मुक्त हुआ । कोई नाचते हुए तो कोई ध्यान साधना से मुक्त हुआ मुक्ति के हजारो रस्ते है बस मुक्ति की भावना चाहिए June 06, 2020 Read more
वो आ कर मेरे सपनो मे। मुस्करा रहे थे आबाद मेरी जींदगी मे आग रहे थे एक तुम्हे छोड़ कर सब कुछ है मेरे पास October 13, 2020 Read more
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