उस शख्स को जहन से निकाल ही नही पाया ।जब से दिल को झकजोर देने वाली घटना सुनी है । सोते जागते उस चहरे को भुला नही पा रहा हूं उस परिवार का क्या हाल हुआ होगा जिस परिवार पर ये दुःख का कहर टूटा ।हैं ईमानदारी कर्तव्यनिष्ठ सामाजिक सरोकार का परिणाम ऐसा हो सकता है सोच कर भी रूह कांप जाती हैं। वो पल कितना कठिन होगा जब उनकी देह से वो पवित्र आत्मा अलग हुई होंगी कितना पीड़ादायक है ये सब कास ऐसा सुनने को मिलता कि उस पुलीस ऑफिसर ने बुरे लोगों और अपराधियों को गोली से उड़ा दिया । लेकिन कुछ भी हो ईमानदारी के साथ ड्यूटी करते हुए ओर अपराधियों कि मन्सा पूरी न होने देकर अपने प्राण वतन पर न्योछावर करना भी कितना महान है ।
श्रीविष्णु दत्त जांबाज पुलिस ऑफिसर को समर्पित
Good
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ReplyDeleteHodd
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