सफलता
सफलता
जीवन होता है संग्राम
शूल बिछे होते है पग पग पर
और पथ पर अंगारे भी
पहाड़ बनकर टूटती मुश्किलें
ओर आकर्षण का तूफान
होती है नाजुक उमरिया रखना होता है
इसका भी ध्यान
बघनख छिपे होते है लोगो के मुख मे
और तालु मे तलवारे
तलवारो से बचना होता है
लगा के अपनी जान
साधना होता है जीवन
ईसा भी लेता ईम् तिहान्
पल पल मे होती है परीक्षा
नही होता है विश्राम
लक्ष्य होता है जीवन का सर्वस्व
और आगे की पहचान
होता है राही अकेला और
पथ भी अंजान
आदर्श भी ऊँचे होते है
ऊँची होती है मंजिले
मन बार बार बदलता है
आती है पुकार एक बार
जो सुन ले मन की पुकार
वही खोलता है सफलता के द्वार
शिव कुमार सापूनिया
Raisinghnagar 335051
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